1 मार्च से LPG सिलेंडर हुए महंगे! जानिए क्यों बढ़ी कीमत और कैसे बचाएं अपना बजट
1 मार्च 2025से भारत में एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव सीधे तौर पर घर-घर के बजट को प्रभावित कर रहा है, खासकर मध्यमवर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों को। इस लेख में हम जानेंगे कि एलपीजी कीमतों में हुई इस वृद्धि के पीछे क्या कारण हैं, सरकारी सब्सिडी की स्थिति क्या है, और आप कैसे इस महंगाई के दौर में अपने खर्चों को कंट्रोल कर सकते हैं।
क्यों बढ़ रही है एलपीजी की कीमत
एलपीजी की कीमतों में वृद्धि का मुख्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में उतार-चढ़ाव है। भारत अपनी एलपीजी जरूरत का 60% से अधिक आयात पर निर्भर है, जो डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी के चलते और महंगा हो जाता है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स (जीएसटी और अन्य शुल्क) भी कीमतों को प्रभावित करते हैं।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, मार्च में कीमतों में ₹50 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद अब एक नॉन-सब्सिडाइज्ड सिलेंडर की कीमत ₹1,100 से ₹1,200 के बीच पहुंच गई है, जो पिछले 5 सालों में सबसे अधिक है।
सरकारी सब्सिडी क्या है हाल?
सरकार 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) के तहत गरीब परिवारों को ₹200 प्रति सिलेंडर सब्सिडी दे रही है। हालांकि, यह राहत सीमित है और केवल 12 सिलेंडर प्रति वर्ष तक ही लागू होती है। सामान्य उपभोक्ताओं के लिए, सब्सिडी धीरे-धीरे कम हो रही है, जिससे उन्हें मार्केट रेट पर ही सिलेंडर खरीदने पड़ रहे हैं।
LPG Splendor market rate
महंगाई के दौर में कैसे करें बचत?
1. पीएनजी (PNG) को अपनाएं:
अगर आपके इलाके में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा उपलब्ध है, तो यह एलपीजी से किफायती विकल्प हो सकता है। PNG की कीमत सिलेंडर के मुकाबले 30-40% तक कम है।
2. ऊर्जा बचत उपकरणों का उपयोग:
इंडक्शन कुकटॉप या सोलर कुकर जैसे विकल्पों से एलपीजी की खपत कम की जा सकती है।
3. सिलेंडर का सही इस्तेमाल:
- गैस चूल्हे की फ्लेम को नीले रंग तक सीमित रखें (पीली लौ ऊर्जा बर्बाद करती है)।
- प्रेशर कुकर का इस्तेमाल करके खाना पकाने का समय कम करें।
4. सब्सिडी का लाभ उठाएं:
अगर आप उज्ज्वला योजना के पात्र हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपका आधार कार्ड और बैंक खाता लिंक्ड है।
ऊर्जा विशेषज्ञ डॉ. राजीव शर्मा के अनुसार, "अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता जारी रहने से एलपीजी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। इसलिए, भारत को अपनी ऊर्जा निर्भरता कम करने के लिए बायोगैस और नवीकरणीय स्रोतों पर ध्यान देना होगा।
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2025